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मदरबोर्ड क्या है और ये कैसे काम करता है-What Is Motherboard In Hindi

यदि आप डेस्कटॉप कंप्यूटर यूज करते होंगे तो आप कंप्यूटर मोदरबोर्ड से अच्छी तरह से परिचित होंगे लेकिन अगर आपको इसके बारे में पता नहीं है तो आज हम आपको बताएँगे की मदरबोर्ड क्या है और कैसे काम करता है तथा कितने प्रकार का होता है।

कंप्यूटर मदरबोर्ड पर अधिकतर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं लेकिन किसी भी कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका मदरबोर्ड होता है या कंप्यूटर का सारा काम इसी पर निर्भर करता है। मदरबोर्ड ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक संयंत्रों जैसे लैपटॉप, कंप्यूटर में लगा हुआ प्रिंटेड परिपथ बोर्ड होता है।

इसे मेन बोर्ड या सिस्टम बोर्ड भी कहा जाता है। कंप्यूटर के अतिरिक्त मदरबोर्ड का प्रयोग रोबोट और दूसरे बहुत से इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों में किया जाता है। यह संयंत्र के विभिन्न अवयवों को पकड़कर उनकी जगह पर रखता है इसके साथ ही ये उन सभी का आपस में वांछित विदयुत संपर्क भी उपलब्ध कराता है।

एक कंप्यूटर की रचना माइक्रोप्रोसेसर, मेन मेमोरी और मदरबोर्ड में लगे कंपोनेंट के द्वारा ही होती है। इसके साथ-साथ उसमें स्टोरेज, वीडियो डिस्प्ले और ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए कंट्रोलर्स और कुछ और युक्तियों कनेक्टर द्वारा मदरबोर्ड से जुडी होती है। मदरबोर्ड का मुख्य भाग इसका चिपसेट होता है। चिप की मदद से ही मदरबोर्ड की क्षमता और विशेषताओं के विषय में कल्पना की जाती है।

मदरबोर्ड में मुख्यतः केंद्रीय प्रोसेसिंग इकाई, बायोस, स्मृति, सीरियल पोर्ट और की-बोर्ड तथा डिस्क ड्राइव के लिए कंट्रोलर होते हैं। उन मदरबोर्ड्स को वरीयता मिलती है जिनमें कम-से-कम एक सॉकेट या स्लॉट हो जिसमें एक या ज्यादा माइक्रोप्रोसेसर स्थपित किए जा सकें। साथ-ही-साथ उसमें क्लॉक जनरेटर, एक चिपसेट, विस्तार कार्ड के लिए स्लॉट, विदयुत आपूर्ति कनेक्टर्स होते हैं।

कंप्यूटर मदरबोर्ड :

मदरबोर्ड कंप्यूटर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। मदरबोर्ड कंप्यूटर हार्डवेयर का एक पार्ट है जिसे पीसी के बैकबोन के रूप में माना जा सकता है या अधिक उपयुक्त मदर के रूप में जो सभी हिस्सों को एक साथ रखता है। यह एक प्रिंटेड इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड होता है जिसे मेन बोर्ड या सिस्टम बोर्ड भी कहते हैं।

यह कंप्यूटर के सभी आवश्यक घटकों को एक साथ जोड़े रखता है जिसमें हमारा सीपीयू भी आता है। मदरबोर्ड कंप्यूटर के सभी हिस्सों को आपस में जोड़ता है और अगर इसकी डिजाइन की बात की जाए तो यह प्लास्टिक का एक कार्ड होता है जिसपर एल्युमीनियम और कॉपर की परत चढ़ी होती है इसके साथ मदरबोर्ड पर लाखों छोटे-छोटे चिप, पोर्ट्स लगे होते हैं।

मदरबोर्ड के हिस्से :

मदरबोर्ड हजारों हिस्सों से मिलकर बना होता है जिसमें processor, RAM & Power Supply भी आते हैं। अगर आप अपने कंप्यूटर के सीपीयू को खोलकर उसके मदरबोर्ड को देखेंगे तो आप उसके इतने सारे भिन्न-भिन्न हिस्सों को देखकर ही उलझ जाओगे। CPU में हार्ड डिस्क, Fan और DVD Drive के अतिरिक्त सब कुछ मदरबोर्ड में ही लगा होता है।

कंप्यूटर का मदरबोर्ड कैसे काम करता है उसको जानने के लिए हमें मदरबोर्ड के हर हिस्से को जानना आवश्यक नहीं है किन्तु आपको मदरबोर्ड और अपने कंप्यूटर के कुछ हिस्सों का ज्ञान जरुर होना चाहिए और आपको यह भी पता होना चाहिए कि मदरबोर्ड आपके कंप्यूटर से किस प्रकार जुड़ा है।

पॉवर सप्लाई : किसी भी कंप्यूटर को चलाने के लिए सबसे आवश्यक चीज पॉवर होती है क्योंकि इसके बिना कुछ भी नहीं हो सकता है। मदरबोर्ड के राईट साइड 20-24 PIN के साथ पॉवर कनेक्टर दिया होता है। यहीं से पूरे कंप्यूटर में पॉवर सप्लाई की जाती है और यह भी देखा जाता है कि चिप या पोर्ट को कितनी पॉवर देनी है।

सुपर I/O चिप : सुपर I/O चिप एक सिंगल चिप है जो I/O डिवाइसों को नियंत्रित करता है और साउथब्रिज द्वारा नियंत्रित नहीं होता है। यह फ्लॉपी ड्राइव, सीरियल पोर्ट, पीएस/2 माउस, कुछ कीबोर्ड फंक्शंस को नियंत्रित करते हैं। सभी नवीनतम मदरबोर्ड एक सुपर I/O नियंत्रक चिप के साथ आते हैं।

BIOS Chip & CMOS Battery : BIOS Chip के द्वारा ही ऑपरेटिंग सिस्टम का बूट प्रोसेस स्टार्ट होता है। प्रोसेस को स्टार्ट करने के लिए इसे एक्स्ट्रा और निरंतर पॉवर की आवश्यकता होती है इसलिए इसके साथ एक बैटरी भी लगी होती है जिसे CMOS & BIOS Battery कहा जाता है। इस बैटरी का और भी उपयोग है जैसे सिस्टम टाइम एंड डेट मैनटेन करना है और बूट मास्टर पासवर्ड को रिसेट करना।

यह चिप कंप्यूटर के बूट प्रोसेस से आधारिक कोड को लेती हेयर और उसे कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम तक ले जाती है इसे कम करने के लिए निरंतर पॉवर की आवश्यकता होती है इसलिए इसे पॉवर देने के लिए एक बैटरी से जोड़ा जाता है और यह कंप्यूटर के अनप्लग होने पर भी काम करती है।

प्रोसेसर सॉकेट : सीपीयू सॉकेट एक इंटरफेस है जो प्रोसेसर को मदरबोर्ड से जोड़ता है। विभिन्न प्रकार के सॉकेट्स का प्रयोग विभिन्न प्रकार के प्रोसेसर के लिए किया जाता है। इसमें छेद होते हैं जिसमें प्रोसेसर के पिन स्थापित होते हैं। आजकल ज्यादातर सॉकेट्स का प्रयोग लैंड ग्रिड ऐरे आर्किटेक्चर पर बनाया गया है जहाँ पिंस सॉकेट्स पर पहले से ही उपलब्ध होते हैं।

हर सॉकेट्स का आकार भिन्न-भिन्न और पिन संख्या में अंतर होता है। प्रोसेसर सॉकेट आपके मदरबोर्ड के केंद्र का हिस्सा होता है। यह कंप्यूटर को दिए गए किसी भी इनपुट को प्रोसेस करता है। इसमें कंप्यूटर प्रोसेसर को लगाया जाता है क्योंकि यह कंप्यूटर का दिमाग या कंप्यूटर का केंद्र होता है इसलिए इसे सेंटर में लगाया जाता है।

सीपीयू सॉकेट : सीपीयू सॉकेट कंप्यूटर के भीतर मदरबोर्ड में लगा हुआ वह हिस्सा होता है जिस पर प्रोसेसर लगाया जाता है। प्रत्येक कंप्यूटर में प्रोसेसर को कंप्यूटर की क्षमता के अनुसार लगाया जाता है जैसे आपने नाम सुना होगा P1, P2, ड्यूल कोर, क्वैड कोर, ओक्टा कोर, कोर i5, कोर i7 आदि।

RAM स्लॉट : RAM स्लॉट में कंप्यूटर की RAM लगी होती है यह कंप्यूटर का एक छोटा-सा हिस्सा है लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जब भी हम कंप्यूटर को खरीदने जाते हैं तो अच्छे रैम वाला कंप्यूटर खरीदते हैं ताकि वह सही स्पीड से काम कर सके।

जितनी ज्यादा रैम वाला कंप्यूटर होगा वह उतना ही स्मूथ और बिना हैंग हुए चलेगा क्योंकि अधिक रैम वाला कंप्यूटर एक साथ बहुत सारी एप्लीकेशन को रन कर सकता है जबकि कम रैम वाला कंप्यूटर ज्यादा एप्लीकेशन के साथ खोलने पर हैंग हो जाता है क्योंकि वह हैंडल नहीं कर पाता है।

पॉवर कनेक्टर : कोई भी कंप्यूटर या कंप्यूटर का हिस्सा बिना पॉवर के नहीं चल सकता इसलिए कंप्यूटर में पॉवर कनेक्टर का होना बहुत आवश्यक होता है। पॉवर कनेक्टर कुछ पिनों का बना होता है इसमें 20 से 24 पिन होती हैं और यह कंप्यूटर मदरबोर्ड में दाईं ओर होता है। यहीं से यह पॉवर लेता है और कंप्यूटर के दूसरे हिस्सों को पॉवर देता है।

मेमोरी स्लॉट : मेमोरी स्लॉट बोर्ड पर रैम लगाने के लिए एक इंटरफेस प्रदान किया जाता है। यह कंप्यूटर की हर मेमोरी के मोड्यूल को संभालता है। प्रत्येक कंप्यूटर में भिन्न-भिन्न मेमोरी स्लॉट होता है पहले पुराने कंप्यूटर में DDR Slot आते थे लेकिन अब DDR3 Slot और DDR4 आते हैं जो मदरबोर्ड के राईट साइड में 2 लगे होते हैं।

जब आप कोई नया मदरबोर्ड लेने जाते हैं तो यह जरुर चेक करें कि कौन सा मेमोरी स्लॉट लगा है। हमें आज भी वह कंप्यूटर मिल जाते हैं जो DDR1 और DDR2 के मेमोरी स्लॉट पर काम करते हैं। स्लॉट की अधितम संख्या मदरबोर्ड पर निर्भर करती है।

नार्थब्रिज और साउथब्रिज : मदरबोर्ड को दो हिस्सों में बांटा गया है नोर्थब्रिज और साउथब्रिज। नोर्थब्रिज मदरबोर्ड का एक अहम हिस्सा होता है यह मेमोरी, वीडियो कार्ड और प्रोसेसर के मध्य के डाटा के बहाव के लिए जिम्मेदार होता है। साउथब्रिज का काम छोटा होता है यह प्रोसेसर और साउंड कार्ड या नेटवर्क के मध्य के डाटा के बहाव के लिए जिम्मेदार होता है।

यह दोनों आपको मदरबोर्ड के नीचे दाई तरफ मिलता है इनके साथ एक और डिवाइस भी जुड़ा होता है जिसे हम हीटसिंक कहते हैं। हीटसिंक मेटल का बना होता है और इसका काम होता है कि यह नोर्थब्रिज और साउथब्रिज को थर्मल बचाव दे। नोर्थब्रिज मेमोरी, PCI Slot को मैनेज करता है और साउथब्रिज प्रोसेसर, नेटवर्क कार्ड को मैनेज करता है।

Ports : PS2, USB Ports,RJ-45 Port LAN के लिए, 9PIN Serial Port, VGA Port,MIDI Port, Audio port.

वीडियो कार्ड स्लॉट : जैसा इसके नाम से ही हमें पता चल रहा है कि यह हमारे कंप्यूटर में वीडियो को चलाने में सहायता करता है। यह मदरबोर्ड में नीचे दाईं ओर मिलता है। अगर आपके मदरबोर्ड पर वीडियो कार्ड स्लॉट नहीं है तो आप अपने कंप्यूटर पर वीडियो का आनन्द नहीं ले पाएंगे। आजकल कई मदरबोर्ड में एक से अधिक वीडियो कार्ड स्लॉट भी मिलते हैं ताकि उन कंप्यूटर में हाई क्वालिटी के गेम चल सकें।

एक्सपेंशन स्लॉट : इस स्लॉट की मदद से हम अपने द्वारा बाहर से डाला गया कोई भी सॉफ्टवेयर इनस्टॉल कर सकते हैं जैसे – अगर आप अपने कंप्यूटर में टीवी टूनर या वीडियो कैप्चर कार्ड आदि सॉफ्टवेयर डाले तो वे इसी स्लॉट की सहायता से आपके कंप्यूटर में इनस्टॉल हो पाते हैं। यह आपको आपके मदरबोर्ड में आपके वीडियो कार्ड स्लॉट में ठीक नीचे मिलता है।

IDE और SATA पोर्ट : ये दोनों पोर्ट्स आपके कंप्यूटर में स्टोरेज डिवाइस को और ऑप्टिकल ड्राइव्स को कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं इनमें से IDE पोर्ट अब बहुत कम देखने को मिलता है तो अगर आपके कंप्यूटर का मदरबोर्ड बिना IDE पोर्ट के आपको मिलता है तो आप चोकेंगे नहीं।

IDE की जगह अब SATA ने ले ली है। SATA पोर्ट IDE पोर्ट से छोटा और उससे काफी तेज गति से काम करता है। SATA पोर्ट के भी कुछ नए रूप बाजार में आ गए है जैसे – SATA1, SATA2, SATA3 आदि। इन सब में से एक ही मदरबोर्ड में लगता है और उसका चयन कंप्यूटर मदरबोर्ड के बाकी हिस्सों को देखकर किया जाता है।

फ्रंट पनल कनेक्टर, USB हैडर और ऑडियो हैडर : फ्रंट पनल कनेक्टर आपके CPU के बॉक्स के बाहर दिए गए कनेक्शन के हिस्सों को कहा जाता है जिसमें पॉवर बटन, रिसेट बटन, पॉवर लेड, ऑडियो कनेक्टर और USB कनेक्टर दिए जाते हैं।

रियर कनेक्टर : यह कनेक्टर कंप्यूटर के भीतर के हिस्सों और बाहर के हिस्सों को जोड़ने का अहम काम करता है। यह कनेक्टर मदरबोर्ड के बाईं तरफ बिलकुल किनारों पर दिए जाते है जहाँ आप अपने कंप्यूटर के बाकी हिस्से जैसे – माउस, कीबोर्ड, मॉनिटर, स्पीकर आदि को जोड़ते हैं।

एक्सपेंशन स्लॉट्स : एक मदरबोर्ड पर एक्सपेंशन स्लॉट्स आपको मदरबोर्ड पर एक्सपेंशन कार्ड्स कनेक्ट करने में सक्षम बनाता है। मदरबोर्ड में तीन पीसीआई स्लॉट होते हैं जहाँ आप एक्सपेंशन/पीसीआई कार्ड जोड़ सकते हैं। अलग पीसीआई कार्ड में LAN कार्ड, ग्राफिक कार्ड, SCSI कार्ड शामिल हैं पीसीआई कार्ड्स मौजूदा मदरबोर्ड की क्षमता का विस्तार करते हैं।

सीपीयू वोल्टेज रेगुलेटर : यह एक इलेक्ट्रॉनिक इंटीग्रेटेड सर्किट है जो वोल्टेज को नियंत्रित करता है। एक वोल्टेज रेगुलेटर मोड्यूल को मदरबोर्ड पर स्थापित किया जाता है और सीपीयू के द्वारा आवश्यक सही वोल्टेज को नियंत्रित करता है। सीपीयू वोल्टेज सामान्य रूप से 1.2 से 2.5 वोल्ट तक चलता है। रेगुलेटर द्वारा वोल्टेज को स्थिर रखा जाता है।

जम्परर्स : मदरबोर्ड पर जम्परर्स छोटे पिन हैं जो आपको मदरबोर्ड सेटिंग कॉन्फिगर करने में सक्षम बनाती है। जम्पर विभिन्न कार्य करता है उदाहरण के तौर पर CMOS सेटिंग को restore करने के लिए किया जाता है।

बजर : बजर एक स्पीकर होता है जो मदरबोर्ड में एम्बेड होता है या इसे अलग से लगाया जाता है जिसकी सहायता से यदि सिस्टम में किसी प्रकार का कोई एरर आता है तो हमें इसके द्वारा सूचनाएं मिलती हैं।

स्टैंडबाय पॉवर लईडी : यह मदरबोर्ड की स्टैंडबाई पॉवर को प्रदर्शित करता है।

लएन पोर्ट : यह नेटवर्किंग कार्यों का समर्थन करता है।

माउस पोर्ट : पीएस/2 माउस को जोड़ता है।

पैरेलल पोर्ट : यह प्रिंटर जैसे पैरेलल डिवाइसेस को जोड़ता है।

RJ-45 पोर्ट : यह एक स्विच के माध्यम से लएन कनेक्शन को सक्षम बनाता है।

यूएसबी पोर्टस : यूएसबी उपकरणों से कनेक्शन सक्षम करता है।

विडियो पोर्ट : वीजीए मॉनिटर या किसी अन्य वीजीए संगत डिवाइस से कनेक्ट करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

सीरियल पोर्ट : मॉडेम या दूसरे सीरियल डेवाइसेज को जोड़ता है।

कीबोर्ड पोर्ट : यह पीएस/2 कीबोर्ड को जोड़ता है।

मोइक्रोफोन जैक : इसके द्वारा माइक्रोफोन को जोड़ा जाता है।

मदरबोर्ड के प्रकार :

मदरबोर्ड समय और डिजाइन के साथ बदलते रहते हैं अभी इस समय बहुत से एडवांस मदरबोर्ड आने लगे जिसमें बहुत से पोर्टेबल चीजें भी लगी होती हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था अगर आपने कोई मदरबोर्ड परचेस कर लिया है तो आप उसमें कुछ बदलाव कर सकते थे।

अगर आपको कुछ भी ज्यादा या नया चाहिए होता है तो आपको नया मदरबोर्ड लेना पड़ता है और इस आधार पर मदरबोर्ड को 2 तरीकों में बांटा गया है। AT & ATX, AT Motherboard 90’s के पहले आते थे लेकिन 90’s के बाद इनका प्रयोग होना बंद हो गया और उसके बाद ATX मदरबोर्ड आने लगे।

कभी-कभी आप BTX मदरबोर्ड का भी नाम सुनते होंगे यह भी एक तरह का मदरबोर्ड है। मदरबोर्ड को उपकरणों और उपयोग के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है जो निम्नलिखित हैं – इंटीग्रेटेड, नॉन-इंटीग्रेटेड, डेस्कटॉप मदरबोर्ड, सर्वर मदरबोर्ड, लैपटॉप मदरबोर्ड आदि।

मदरबोर्ड जिसपर विभिन्न डिवाइसों को जोड़ने के लिए पोर्ट्स होते हैं उन्हें इंटीग्रेटेड मदरबोर्ड के रूप में जाना जाता है। सभी नवीनतम डेस्कटॉप, सर्वर, लैपटॉप इंटीग्रेटेड मदरबोर्ड के रूप में जाना जाता है। मदरबोर्ड जो विभिन्न डिवाइसों को कनेक्ट करने का समर्थन नहीं करता है उसे नॉन-इंटीग्रेटेड मदरबोर्ड कहा जाता है।

पुराने डेस्कटॉप और सर्वर मदरबोर्ड नॉन-इंटीग्रेटेड मदरबोर्ड प्रकार के थे। डेस्कटॉप मदरबोर्ड घर और कार्यालय में प्रयोग किया जाता है क्योंकि यह घर और कार्यालय में सामान्य अनुप्रयोगों के लिए इसका ज्यादा उपयोग किया जाता है जैसे मूवी देखने, गाना सुनने, गेम खेलने इत्यादि। इस तरह का मदरबोर्ड सबसे बेसिक तरह का होता है।

सर्वर मदरबोर्ड डेस्कटॉप मदरबोर्ड की तुलना में उन्नत होता है जो उच्च सेवाओं की पेशकश करने के लिए डिजाइन किए गए होते हैं जो 24*7 वातावरणों में प्रयोग करने के लिए ज्यादा विश्वसनीय होते हैं और प्रमुख अनुप्रयोगों को नियंत्रित कर सकते हैं। डेस्कटॉप मदरबोर्ड के मुकाबले सर्वर मदरबोर्ड कई सॉकेट, स्लॉट और कनेक्टर होते हैं।

लैपटॉप मदरबोर्ड का प्रयोग लैपटॉप सिस्टम के विभिन्न हिस्सों से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है। इन मदरबोर्ड में आमतौर पर डेस्कटॉप मदरबोर्ड की तुलना में बहुत उन्नत सुविधाएँ हैं और अधिकांश कामों को लैपटॉप मदरबोर्ड में एकीकृत किया गया होता है।

मदरबोर्ड का इतिहास :

पहले कंप्यूटर में हर भाग के लिए एक स्लॉट हुआ करता था और तारों द्वारा पार्ट एक-दूसरे से जुड़े रहते थे। बाद में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड के आने के बाद मेमोरी, सीपीयू और अन्य पेरिफेरल डिवाइसेज इसमें लगाए जाने लगे। 1980 के दशक में मदरबोर्ड में एकीकृत परिपथ का प्रयोग किया जाता था जो कम गति वाले पेरिफेरल, जैसे की-बोर्ड, माउस, फ्लॉपी डिस्क को सपोर्ट करता था।

1990 में मदरबोर्ड फुल रेंज के ऑडियो, वीडियो और नेटवर्क प्रकार्यों को सपोर्ट करने लगे और उसमें कोई भाग लगाने के लिए कार्ड भी नहीं लगाना पड़ता था। थ्री-डी गेमिंग और कंप्यूटर ग्राफिक्स के लिए अलग से कार्ड प्रयोग होता था। पहले इस क्षेत्र में माइक्रोनिक्स, एएमआई, डीटीके, माइलेक्स ऑर्किड टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियां थी लेकिन बाद में एप्पल इंका और आईबीएम जैसी कंपनियों ने इसका उत्पादन करना शुरू किया।

मदरबोर्ड निर्माता कंपनियां :

मदरबोर्ड विभिन्न आकारों और कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध हैं। कुछ मदरबोर्ड 32 और 64 बिट प्रोसेसर और ऑपरेटिंग सिस्टम का समर्थन करते हैं। यह कई कंपनियों द्वारा निर्मित है और प्रत्येक कंपनी कुछ स्टैण्डर्ड कॉन्फिगरेशन वाले बोर्ड बनाती है।

एएसयूएस : Asus Tesk Incorporation कई उत्पाद जैसे मदरबोर्ड, ग्राफिक कार्ड, नेटवर्किंग डिवाइस, नोटबुक, मोबाइल फोन और वायरलेस नेटवर्किंग विकसित करता है। दुनिया के सबसे बड़े मदरबोर्ड निर्माता कंपनी के रूप में स्वीकार किया गया, ASUS मदरबोर्ड बनाती है जो विभिन्न प्रकार के प्रोसेसर जैसे- इंटेल और एएमडी का समर्थन करते हैं। ASUS 64-बिट कंप्यूटिंग तकनीक द्वारा निर्मित मदरबोर्ड ASUStek Computer International इस वर्ष 20% की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रही है और 2018 तक वैश्विक बाजार का 50% मदरबोर्ड देने की योजना बना रही है।

इंटेल : इंटेल प्रोसेसर मदरबोर्ड और ग्राफिक कार्ड बनाती है। इंटेल मदरबोर्ड विभिन्न कॉन्फिगरेशन और विभिन्न फॉर्म फैक्टर्स में उपलब्ध है। यह दो प्रकार के मदरबोर्ड, डेस्कटॉप और सर्वर बनाती है।

एमएसआई : एमएसआई अपने उच्च प्रदर्शन डिजाइन और बेहतर उत्पादों के लिए जाना जाता है। आरंभ से एमएसआई को अद्वितीय डिजाइन और उच्च प्रदर्शन वाले उत्पाद देने में गर्व था।

ईसीएस : यह भी दुनिया की सबसे बड़ी मदरबोर्ड निर्माता कंपनी में से एक है और इसीएस मदरबोर्ड दुनियाभर में स्वीकार किए जाते हैं।

गीगाबाइट : गीगाबाइट टेक्नोलॉजी मदरबोर्ड, ग्राफिक कार्ड, दूसरे पेरिफेरल डिवाइस, नेटवर्किंग डिवाइस, कंप्यूटर और दूसरे घरेलू उपकरण बनाती है। गीगाबाइट भिन्न-भिन्न प्रकार के प्रोसेसर जैसे – इंटेल और एएमडी के लिए उपलब्ध मदरबोर्ड बनाती है। नवीनतम बोर्ड में नवीनतम संस्करणों के प्रोसेसर जैसे कोर प्रोसेसर और 64-बिट प्रोसेसर का समर्थन करती है।

एएसरॉक : एएसरॉक मदरबोर्ड निर्माता कंपनी है इनके मदरबोर्ड भी दुनिया भर के लोग पसंद करते हैं।

बायोस्टार : बायोस्टार बहुत प्रसिद्ध और नमी खामी मदरबोर्ड निर्माता कंपनी है इनके द्वारा गए मदरबोर्ड भी दुनियाभर के लोग पसंद और प्रयोग करते हैं।

कंप्यूटर के सही मदरबोर्ड का चुनाव :

लैपटॉप में फिक्स है कि आपको ये चीजे मिलेंगी लेकिन डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए आप अपने हिसाब से मदरबोर्ड सिलेक्ट कर सकते हैं जैसे आपको कितने पोर्ट चाहिए, RAM Slot, PCI, Expansion Slot कितने चाहिए। इसके लिए कुछ बेसिक टिप्स होते हैं जिससे आप सही मदरबोर्ड का चुनाव कर सकते हैं। कंप्यूटर खरीदने से पहले यह निर्णय करें कि आप कंप्यूटर किस काम के लिए ले रहे है और आपको उसमें कौन-कौन से फीचरस की आवश्यकता होगी।

उसके पश्चात आप इंटरनेट पर यह पता करें कि मदरबोर्ड क्या है? आप जिस काम के लिए कंप्यूटर खरीदना चाहते हैं उसके लिए बेस्ट मदरबोर्ड कौन-सा है और इसके बारे में यूट्यूब पर लोगों का रिव्यू भी देखें। उसके बाद जब आप मदरबोर्ड का सही चुनाव कर पाएँगे और अपने लिए वैल्यू फॉर मनी वाला मदरबोर्ड खरीद पाएँगे।

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