सूर्य भेदन प्राणायाम-Right Nostril Breathing In Hindi
सूर्य भेदन प्राणायाम को अंग्रेजी में Right Nostril Breathing के नाम से जाना जात है इस प्राणायाम का सीधा संबंध सूर्य नाडी से होता है। इसमें पूरक दायीं नासिका से करते हैं और दायीं नासिका सूर्य नाड़ी से जुड़ी मानी गई है। इसे ही सूर्य स्वर कहते हैं।
इस के नाम पर इसका नाम सूर्य भेदन प्राणायाम पड़ा। सूर्यभेदन प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर के अंदर गर्मी उत्पन्न होती है। ये सर्दियों में किया जाने वाला प्राणायाम है। इस प्राणायाम के अभ्यास से आयु में व्रधि होती है और इसके साथ-साथ ही कुंडलिनी शक्ति भी जाग्रत होती है।
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सूर्य भेदन प्राणायाम करने की विधि- Surya Bhedana Pranayama Steps In Hindi
- सबसे पहले किसी समतल व् शांत जगह पर दरी या चटाई बिछाकर उस पर सुखासन की स्थिति में बैठ जाएँ और अपनी गर्दन, मेरुदंड और कमर को सीधा करें।
- अब अपने बाएं हाथ को अपने घुटने पर रखें और आखें बंद कर लें।
- इसके बाद दाएं हाथ को कोहनी से मोड़कर नाक के दाईं ओर अंगूठा रखें, अनामिका व कनिष्ठा अंगुली को नाक के बाईं ओर रखें और तर्जनी व मध्यम अंगुली को ललाट रखें।
- अब नाक के बाएं छिद्र को अनामिका व कनिष्ठ अंगुली से बन्द करके नाक के दाएं छिद्र से गहरी सांस ले।
- अब यहाँ पर आपको कुंभक करना है अथार्त जितना हो सके स्वास को अंदर रोककर रखें।
- सांस छोड़ने से पहले दोनों बंधों को खोलें और नाक के दाएं छिद्र को बन्द करके बाएं छिद्र से सांस को तेजी से बाहर निकालें।
- इसी क्रिया को कम से कम 4-5 बार दोहरायें।
सूर्य भेदन प्राणायाम करने के समय अविधि-Surya Bhedana Pranayama Times In Hindi
अगर आपने ये प्राणायाम करना अभी शुरू ही किया है तो आप इसका अभ्यास आप 5-7 मिनट तक ही करें क्यूंकि इस प्राणायाम की समय अविधि एक साथ नहीं बढ़ानी चाहिए।
सुबह और शाम के समय खाली पेट इस प्राणायाम का अभ्यास करना अधिक फलदायी होता हैं। एक सामान्य व्यक्ति को सूर्य भेदन प्राणायाम शुरुआत में तीन से पांच बार करना चाहिए। कुछ समय तक निरंतर अभ्यास करते रहने के बाद इसे बढ़ा देना चाहिए।
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सूर्य भेदन प्राणायाम से होने वाले लाभ-Surya Bhedana Pranayama Benefits In Hindi
1. सकारात्मक सोच बढाने हेतु : सूर्य भेदन प्राणायाम के नियमित अभ्यास से सकारात्मक विचारों विचार बढ़ते हैं।
2. तनाव से मुक्ति : तनाव कम करने और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए सूर्य भेदन प्राणायाम बहुत ही लाभदायक होता है।
3. इन सभी बिमारियों को करे ठीक : नजला, खांसी, दमा, साइनस, लंग्स, हृदय और पाइल्स के लिए भी सूर्य भेदन प्राणायाम लाभदायक है।
4. कफ रोग में फायदेमंद : सूर्य भेदन प्राणायाम के नियमित अभ्यास से कफ के रोगों में लाभ मिलता है।
5-शरीर के अंदर गर्मी : सूर्य भेदन प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर के अंदर गर्मी उत्पन्न होती है।
6. आंतो को साफ़ करता है : इस प्राणायम के नियमित अभ्यास से आतों सुद्ध व् साफ़ हो जाती है।
7. सेक्स ऊर्जा को बढाता है : सूर्यभेदन प्राणायाम से सेक्स ऊर्जा को सही आयाम मिलता है।
सूर्य भेदन प्राणायाम करते समय सावधानी-Surya Bhedana Pranayama Caution In Hindi
- यह प्राणायाम हमेशा खाली पेट करना चाहिए।
- इस प्राणयाम की अविधि एक साथ नहीं बढानी चाहिए।
- इस प्राणायाम का अभ्यास साफ-स्वच्छ हवा बहाव वाले स्थान पर करें।
- पूरक करते समय पेट और सीने को ज्यादा न फुलाएं।
- श्वास पर नियंत्रण रखकर ही पूरक क्रिया करें।
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